Sunday, October 16, 2011

शिकवा

आज अपने वजूद से शिकवा है हमें 
ऐ खुदा अब तो बता दे तेरी रज़ा क्या है !
तू सुन रहा है तो बता दे मुझको 
मेरा गुनाह है क्या और मेरी सज़ा क्या है !!     

4 comments:

  1. ख़ूब लिखा करो,यही तेरी सज़ा है !

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    1. ऐसी सज़ा सर आँखों पर :)) ये सज़ा तो में ताउम्र भुगतने को तैयार हूँ :))

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  2. To fir hum b ta-umr Tumhe jhel lenge jse-tse..! ;-)

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